कश्मीरी नेताओं से बोले पीएम मोदी- दिल्ली व दिल की दूरी खत्म करना चाहता हूं

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एजेंसी/जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाबैठक खत्म हो चुकी है। बैठक में आए नेताओं के साथ पीएम मोदी की जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें पीएम मोदी सभी नेताओं से मुस्कुरा कर मिलते नजर आ रहे हैं। कश्मीरी नेता भी पीएम से मिलकर खुश नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी के साथ कश्मीरी नेताओं की ऐसी तस्वीरों को लेकर कई राजनीतिक विश्लेषक अपनी-अपनी तरफ से कयास लगा रहे हैं कि क्या वाकई पीएम मोदी कश्मीर नेताओं से दिल की दूरी को खत्म कर पाएंगे?
इस बैठक के बाद न्यूज एजेंसी ANI  ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी नेताओं की सलाह को सुना और उनसे जरुरी राय भी ली। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रशंसा भी जाहिर की है कि सभी नेताओं ने ईमानदारी से अपना पक्ष रखा। इस बैठक का लब्बोलुआब यहीं रहा कि कश्मीर के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशीला रखी जाए। पीएम मोदी ने बैठक में आए कश्मीर नेताओं से कहा है कि वो दिल्ली और दिल की दूरी को खत्म करना चाहते हैं। 

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के करीब दो साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर आज जम्मू-कश्मीर के 8 दलों के 14 नेताओं के साथ बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक बातचीत की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के अलावा उमर अब्दुल्ला, कवींद्र गुप्ता, निर्मल सिंह, रवींद्र रैना जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
ताजा अपडेट के मुताबिक पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के विकास समेत परिसीमन और अन्य मुद्दों पर स्थानीय नेताओं के साथ चर्चा की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से दिल्ली और दिल की दूरी खत्म करने की बात की। साथ ही उन्होंने सभी दलों के नेताओं को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि हम जम्मू—कश्मीर के हित के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। परिसीमन होगा और उसके बाद अन्य कदम उठाए जाएंगे।

पीएम आवास पर बैठक में किसने क्या कहा :
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह –

PM ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी जगह विकास पहुंचे इसके लिए साझेदारी हो। विधानसभा चुनाव के लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना होगा ताकि हर क्षेत्र प्राप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व विधान सभा में प्राप्त हो सकें।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब नबी आजाद –

हमने कांग्रेस की तरफ से पांच मांगें रखी हैं। राज्य को बंटवारा नहीं होना चाहिए। उनकी पहली मांग है कि राज्य का दर्जा वापस दिया जाए। सदन के अंदर गृह मंत्री और पीएम ने यह आश्वासन दिया था कि हम राज्य का दर्जा बहाल करेंगे एक समय पर। हमने कहा कि समय आ गया है, शांति है सीजफायर भी है। इससे ज्यादा अनुकूल समय नहीं हो सकता है। दूसरी मांग के तहत हमने लोकतंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके लिए पंचायत और जिला परिषद के चुनाव किए और अब विधानसभा का चुनाव भी तुरंत हों। तीसरी मांग को लेकर बताया कि डोमिसाइल रूल से संबंधित है। जमीन का रूल हमारे महाराजा के समय से था। बाद में नौकरी का भी थी। केंद्र सरकार को ये गारंटी देना चाहिए कि जब वो बिल लाएगी तो नौकरी की गारंटी देगी। चौथी मांग कश्मीरी पंडितों से जुड़ा है। अधिकांश कश्मीरी पंडित 30 साल से बाहर हैं। कुछ जम्मू और कश्मीर में भी हैं। कश्मीर के हरेक राजनीतिक दल और नेता की मौलिक जिम्मेदारी है कि वे कश्मीर के पंडितों को वापस लाएं और उनको बसाने में सरकार की मदद करें। पांचवीं और आखिरी मांग के तौर पर आजाद ने कहा कि 5 अगस्त स्टेट के दो हिस्से किए गए उसपर भी विचार किया जाए।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती –

मैंने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि अगर आपको धारा 370 को हटाना था तो आपको जम्मू-कश्मीर की विधान सभा को बुलाकर इसे हटाना चाहिए था। इसे गैरकानूनी तरीके से हटाने का कोई हक नहीं था। हम धारा 370 को संवैधानिक और कानूनी तरीके से बहाल करना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग धारा 370 के रद्द होने से नाराज हैं। हम जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को फिर से बहाल करेंगे। इसके लिए हम शांति का रास्ता अपनाएंगे। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेस नेता अब्दुल्ला –

हमने बैठक में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के द्वारा 370 को खत्म करने के फैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे। हम अदालत के जरिए 370 के मामले पर अपनी लड़ाई लड़ेंगे। लोग चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से राज्य का दर्जा दिया जाए।

जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना

पीएम मोदी ने बहुत ही बढ़िया बैठक आयोजित की। उन्होंने प्रधानमंत्री ने कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पीएम ने कहा कि कश्मीर के सभी लोग मेरे दिल में बसते हैं। कश्मीर के विकास और भलाई के लिए काम करेंगे।


जम्मू -कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह –

सर्वदलीय बैठक में खुलकर बातें हुई हैं। पीएम ने कश्मीर के विकास के लिए आगे बढ़ने की बात कही है। सभी लोगों ने अपनी बात रखी। हम चाहते हैं कि कश्मीर में आने वाले वक्त में चुनाव हो, लोकतंत्र की बहाली हो। लगभग सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू-कश्मीर में शांति होनी चाहिए और वहां लोकतांत्रिक तरीके से सरकार आनी चाहिए। पीएम ने सभी नेताओं से अपील की कि शांति तभी होगी जब सभी मिलकर काम करेंगे। परिसीमन किया जाएगा और इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। परिसीमन आयोग सभी से चर्चा करेगा। उसके बाद चीजें आगे बढ़ेंगी।
बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता –
इस बैठक से साफ हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर विधानसभा का गठन होगा।
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के नेता अल्ताफ बुखारी –

आज अच्छे माहौल में वार्ता हुई। सभी ने विस्तार से अपनी बात रखी है। पीएम और गृह मंत्री ने सबकी बातें सुनी। पीएम ने कहा कि डिलिमिटेशन की प्रक्रिया खत्म होने पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
पीडीपी नेता हुसैन बेग –

सर्वदलीय बैठक बहुत शानदार हुई। सुप्रीम कोर्ट धारा 370 के मामले पर फ़ैसला करेगा।
कश्मीरी नेता मुजफ्तर बेग –

पीएम मोदी ने हालात को बदलने का आश्वासन दिया हैं। हम उम्मीद करते हैं आने वाले दिनों में जम्मू—कश्मीर में बदलाव नजर आएगा।