संयुक्त राष्ट्र में भारत ने चीन को फिर दी मात, अब अगले चार साल तक बनी रहेगी कसक

National Desk

Report:-Sunil poddar

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने चीन को मात देते हुए इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल (ECOSOC) से जुड़े आयोग में जगह बना ली है। यह आयोग महिलाओं की स्थिति पर काम करता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ये जानकारी दी है।  तिरुमूर्ति कहा, भारत ने प्रतिष्ठित ECOSOC में सीट हासिल की है। भारत महिलाओं की स्थिति पर आयोग (सीएसडब्ल्यू) का सदस्य चुना गया है। ये बताता है कि महिलाओं को लेकर हमारी प्रतिबद्धता किस तरह की है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हम कितना काम कर रहे हैं। हम सभी सदस्यों का इसके लिए आभार व्यक्त करते हैं।  बता दें कि इस साल प्रसिद्ध बीजिंग वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस की 25वीं सालगिरह मनाई जा रही है और इसी दौरान चीन को झटका भी लगा है। भारत इस आयोग का अगले चार साल तक सदस्य बना रहेगा। आयोग में इस सीट को पाने के लिए भारत, चीन और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला था। भारत और अफगानिस्तान को 54 में से अधिकतर सदस्यों का साथ मिला, जबकि चीन को निराशा ही हाथ लगी। अंतत: यह सीट भारत ने हासिल कर ली।

सुशांत सिंह राजपूत की यह आखिरी फ़िल्म !

कलाकार – लेट सुशांत सिंह राजपूत , संजना सांघी , स्वास्तिका मुखर्जी , शाश्वत , सैफ अली खान संगीत – ए. आर रहमान निर्देशन – मुकेश छाबरा,

नई दिल्ली (सुनील पोद्दार ) – एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए ख़त्म कहानी कुछ इस प्रकार मूवी की ओपनिंग लाइन खुलती है जिसे किज़ी बासु सुनाती है मूवी में किज़ी बासु का किरदार संजना सांघी ने पेश किया है ! लेकिन इसके उलट जन्म कब लेना है और मरना कब है ये हम डिसाइड नहीं कर सकते लेकिन जीना कैसे है ये हम डिसाइड कर सकते इस जिंदादिल कहानी के इर्द गिर्द घूमती है सुशांत सिंह राजपूत की यह आखिरी फ़िल्म ! कहानी – फ़िल्म में कहानी कुछ इस प्रकार है जमशेदपुर में एक बंगाली फैमिली रहती है जिसमें उनकी एक बेटी है जिसका नाम है किज़ी बासु जो थायरॉयड कैंसर से जूझ रही है व पूरी मूवी में वह अपने पुष्पेन्द्र नाम के ऑक्सीजन सिलेंडर को अपने कंधे पर लिए घूमती है अपनी इस बीमारी के चलते किज़ी बासु कहीं ना कहीं बहुत मायूस है और जिंदगी जीना मानो उसने लगभग छोड़ सा दिया है …इसी बीच उसकी लाईफ में एंट्री होती इमैनुअल राजकुमार जूनियर उर्फ़ मेनी की जिसको पेश किया है सुशांत सिंह राजपूत ने …मेनी एक जिंदादिल और खुशमिजाज लड़का है जो सबके चेहरे पर हसी के आता है वह मायूस रहने वाली किज़ी बासु को भी अच्छा लगता है वह उसको घूमता है जीवन के नए फंडे बताता है..कहानी में सुशांत भी कैंसर की वजह से अपनी एक टांग कटवा चुका है पर वह उसकी परवाह किए बिना ख़ुशी से रहता है और ये ही मंत्रा किज़ी बासु को भी देता है ! फ़िल्म में सुशांत और संजना की केमस्ट्री बहुत ख़ूब लग रही है व किज़ी के किरदार में संजना ने जस्टिस किया है वह मासूमियत उनके चहरे पर नज़र आती है …सुशांत का यह बेस्ट तो नहीं पर उम्दा काम है ..इस कहानी को नॉवेल द फॉल्ट इन ऑवर स्टार पर आधारित किया गया है ! फ़िल्म में आगे किज़ी बासु अपने पसंदीदा सिंगर अभिमन्यु वीर से मिलना चाहती है जिसने एक गाना लिखा है मैं तुम्हारा रहा पर वह गाना अधूरा है जिसके बारे में पूछने के लिए किज़ी और मेनी पेरिस जाते है पर उन्हें अभिमन्यु वीर के हाव भाव पागलों वाले नज़र आते है इस किरदार को सैफ़ अली खान ने निभाया ही किरदार छोटा है पर कहानी के हिसाब से महत्वपूर्ण है ..पेरिस में ही मेनी अपने बढ़ते हुए कैंसर के बारे ने किज़ी को बताता है ! मौत से लड़ते – लड़ते किज़ी और मेनी एक दूसरे के क़रीब आ जाते है व मेनी किज़ी के हर सपने को पूरा करना चाहता है और आखिर में खुद ख़ुशी – ख़ुशी मौत से लड़ता हुआ चला जाता है और किज़ी को जीवन में ख़ुश रहने का मंत्रा दे जाता है ! क्या है खास – फ़िल्म का निर्देशन व मुकेश छाबरा ने बहुत अच्छे से किया है यह उनकी पहली फिल्म है डायरेक्टर के रूप में उन्होंने 1 घंटे 41 मिनट की इस मूवी में जनता को बांधे रखने की पूरी कोशिश की है जिसमें वह कहीं ना कहीं कामयाब होते नजर आते है .. फ़िल्म में जमशेदपुर की बहुत ख़ूबसूरत और प्यारी लोकेशन्स दिखाई गई है जिसके बाद कहानी पेरिस भी जाती है ..जमशेदपुर को पिछली बार इतना खूबसूरत उड़ान में दिखाया गया था ! क्या है कमी – इस प्रकार की थीम पर बॉलीवुड में पहले भी फिल्में आ चुकी है जैसे कल हो ना हो व आनंद लेकिन यह कहानी थोड़ी अलग है और आपको पसंद जरूर आएगी …वहीं जहां एक और किज़ी बासु का पूरा किरदार और बैकराउड फिल्म दिखाया जाता है पर मेनी का बैकराउंड कहानी में छोड़ दिया गया है जिस से कहानी थोड़ी अधूरी सी लगती है ! संगीत – ए. आर रहमान साहब ने फिल्म संगीत बहुत ही खूबसूरती से सजाया है जो कहानी के साथ एक दम सटीक बैठता है मैं तुम्हारा रहा गाना दिल को छू जाता है ! देश की जनता में तुम्हारी इस आख़िर फिल्म को देखने का कितना पागलपन है इसे देखने के लिए काश तुम जिंदा होते सुशांत मात्र 2 घंटे में डिज़्नी हॉट स्टार क्रैश हो गया व ऑनलाइन देखे जानी वाले ना जाने दिल बेचारा कितने रिकॉर्ड तोड़ेगी ..अभी तो तुम में से बहुत कुछ बेस्ट आना बाकी था सुशांत तुम जहां भी हो भाई ख़ुश रहो !

डेस्क:-स्वर्ण इंडिया न्यूज,राँची

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अभिनेता अनुपम खेर की मां समेत भाई और भाभी कोरोना संक्रमित।

*अभिनेता अनुपम खेर की मां समेत भाई और भाभी कोरोना संक्रमित। सभी की टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव, अनुपम खेर ने ट्वीट कर दी जानकारी। अनुपम खेर ने भी कराया था टेस्ट, उनकी रिपोर्ट निगेटिव।*

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने वनोपज झारखंड अभीवहन का बिनियमन नियमावली 2020 की कड़ी आलोचना की है


रांची, 4 जुलाई: कम्युनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया (सीपीआई) ने झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली-2020 की कड़ी आलोचना की है। इस संबंध में पार्टी की ओर बयान जारी करते हुए राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह जिला सचिव अजय कुमार सिंह, राज्य परिषद सदस्य उमेश नजीर ने झारखंड सरकार की इस नियमावली को केंद्रीय कानून पेसा कानून, 1996 का विरोधी बताया है और ग्रामीण झारखंड की आजीविका के मूल स्रोत जंगल पर उनके शाश्वत अधिकार, जो वनाधिकार कानून, 2006 भी प्रदान करता है, पर हमला है। नेताद्वय ने इस काले कानून अविलंब वापस लेने की मांग की है।
अपने बयान में अजय सिंह ने कहा है कि पेसा कानून, 1996, जो पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभा को लघु वनोपज और गौण खनिजों पर नियंत्रण और प्रबंधन का अधिकार देती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड बनने के 20 साल होने को है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने इस कानून के लिए कोई नियमावली नहीं है। जबकि राज्य सरकार को दायित्व था कि इस कानून की नियमावली बनाये। ………….अजय सिंह


उन्होंने कहा कि पेसा कानून, 1996 के अंतर्गत ग्रामसभा को उक्त अधिकार को झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली- 2020 खंडित करती है। क्योंकि इस नियमावली में जंगल से जलावन लाने पर वन विभाग को शुल्क लेने का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही इस नियमावली के आने से वनोपज पर अपनी आजीविका चलाने वाले आदिवासियों और अन्य वनाश्रित समुदायों के समक्ष जीवन-मरण का प्रश्न पैदा करेगा।
नेताद्वय ने झारखंड सरकार से अपील की है कि झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली-2020 को राज्य सरकार को वापस लें, ताकि झारखंडी समुदायों के संघर्ष के मूल आधार- जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकार की लड़ाई को सम्मान दिया जा सके।

सड़क हादसे में कार सवार दो युवकों की की हुई मौत

सिमडेगा. कोलेबिरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात सड़क हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई। इनमें से एक युवक बोलेनो कार से दोस्त को सिमडेगा लाने के लिए रांची गया था। लौटते वक्त उनकी कार अघरमा पंचायत के पहार टोली गांव के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद कोलेबिरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मृतकों की पहचान मनीष नाग (25) और चंद्रशेखर प्रधान (22) के रूप में की गई। चंद्रशेखर प्रधान दुबई में काम करता था। वो फ्लाइट से शुक्रवार को रांची पहुंचा था। मनीष नाग उसे रांची से लेकर वापस लौट रहा था और इसी दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के बाद कोलेबिरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। कार की पेड़ से इतनी जोरदार टक्कर हुई कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। माना जा रहा है कि कार की रफ्तार तेज थी। वहीं, अघरमा पंचायत के पहार टोली गांव के पास तीखा मोड़ भी है। ऐसे में कार ड्राइव कर रहे युवक का गाड़ी से संतुलन बिगड़ा होगा और इस वजह से यह दुर्घटना हुई।

साक्षी ने काटा धोनी का अंगूठा, सोशल मीडिया पर शेयर किया मस्ती भरा वीडियो

राँची।। कोरोना वायरस के कहर से दुनिया भर में क्रिकेट बंद होने के कारण अब ज्यादातर खिलाड़ी सोशल मीडिया पर समय बीता रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान भारतीय क्रिकेटर्स फैंस से जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

लॉकडाउन के बीच अब फैंस को महेंद्र सिंह धोनी की झलक देखने को मिली है। धोनी के साथ उनकी वाइफ साक्षी धोनी ने एक फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की है।

रांची बरियातू के जोड़ा तालाब के पास रह रहे रांची के पूर्व DDC की कोरोना से मौत, अपार्टमेंट को किया गया सील

रांची : स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव रहे व डीडीसी से सेवानिवृति हुए 75 वर्षीय एक अधिकारी की मेदांता गुड़गांव में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई और उनकी मौत हो गयी है. उनको 14 अप्रैल को बरियातू के जोड़ा तालाब स्थित लेक व्यू अस्पताल से मेदांता रेफर किया गया था. रेफर करते वक्त उनमें कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई थी.
मेदांता अस्पताल की ओर से शनिवार की सुबह लेक व्यू अस्पताल को फोन पर सूचना दी गयी कि जिस मरीज को रेफर कर भेजा गया था वह कोरोना से संक्रमित हैं और उनकी मौत हो गयी है. ऐसे में पूरी तरह एहतियात बरती जाए. इसके साथ ही झारखंड में कोरोना से मौत की संख्या तीन हो गयी है. जबकि, कोरोना संक्रमितों की संख्या 34 हो गयी है. जिनमें रांची से 19 मामले हैं.

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झारखंड में भी कोरोना अपना पांव पसारते जा रहा है. राज्‍य में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्‍या बढ़ती जा रही है.

रांची : झारखंड में 17 अप्रैल को भी तीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टी हुई है. इनमें हिंदपीढ़ी से 1 और आजाद बस्ती से 2 लोग शामिल हैं. रिम्स निदेशक ने रिपोर्ट की पुष्टि की है.

झारखंड में भी कोरोना अपना पांव पसारते जा रहा है. राज्‍य में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्‍या बढ़ती जा रही है. 31 मार्च को रांची के हिंदपीढ़ी से पहला मामला सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया था. जहां उसका इलाज चल रहा है. 31 मार्च से लेकर 15 अप्रैल तक कुल 29 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की झारखंड में पुष्टि हो चुकी है. जिसमें दो लोगों की मौत भी हो चुकी है. एक रांची के हिंदपीढ़ी इलाके के मरीज की और दूसरी मौत बोकारो जिले के गो‍मिया प्रखंड के साड़म में बुजुर्ग मरीज की मौत हो चुकी है. वहीं 13 अप्रैल की रात हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में एक 85 वर्षीय कोरोना संदिग्‍ध महिला की मौत हो गई. वहीं इससे पहले राजधानी के सबसे बड़े अस्‍पताल रिम्‍स में भी दो कोरोना संदिग्‍धों की मौत हो चुकी है.

झारखंड में कब, कहां और कितने मिले कोरोना पॉजिटिव मरीज
1st Case : झारखंड में पहला केस 31 मार्च को राजधानी के हिंदपीढ़ी से सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया.
2nd Case : राज्य में दूसरा कोरोना पॉजिटिव का मामला 2 अप्रैल को आया था. वह हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहनेवाला था और कुछ दिन पहले ही बंगाल के आसनसोल से विष्णुवगढ़ लौटा था.
3rd Case : राज्य में तीसरा कोरोना केस 5 अप्रैल को बोकारो से सामने आया था. वह महिला अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से लौटी थी. जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद पूरे परिवार को क्वारंटाइन में रखा गया था. वो महिला तबलीगी जमात में शामिल हुई थी.
4th Case : राज्य में चौथे कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि 6 अप्रैल को हुई थी. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से एक 54 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनकी कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है. वह डायलिसिस की मरीज थी और बरियातू के नेफ्रॉन क्लीननिक में डायलिसिस कराती थी. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने नेफ्रॉन क्लीनिक के 36 लोगों को क्वारंटाइन में रखा.
5th Case : झारखंड में पांचवां केस 08 अप्रैल को सामने आया. जिसमें कुल 9 लोग संक्रमित पाये गये थे. इनमें हिंदपीढ़ी के पांच, बोकारो के चंद्रपुरा में तीन और गोमिया में एक मरीज कोरोना पॉजिटिव शामिल थे. जिसमें गोमिया के मरीज की मौत हो गई है.
6th Case : झारखंड में छठा केस 09 अप्रैल को बोकारो के चंद्रपुरा से सामने आया. जहां एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई.
7th Case : झारखंड में 11 अप्रैल को सातवां केस सामने आया. जिसमें कुल 3 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई थी. जिसमें हिंदपीढ़ी का एक हजारीबाग और कोडरमा से एक-एक मरीज शामिल थे. मालूम हो कि कोडरमा से मिला संक्रमित मरीज गिरिडीह का रहनेवाला था.
8th Case : झारखंड में 12 अप्रैल को आठवां केस सामने आया. जिसमें बोकारो के गोमिया के साड़म में दो कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई थी.
9th Case : झारखंड में 13 अप्रैल को नौवां केस सामने आया. जिसमें कुल 5 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई. इनमें राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से तीन, बोकारो तथा गिरिडीह से एक-एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले.
10th Case : झारखंड का 10वां मामला 14 अप्रैल को आया. जिसमें रांची के कोरोना हॉटस्‍पॉट हिंदपीढ़ी से 2 मरीजों की पुष्टि हुई, वहीं सिमडेगा से एक मरीज मिला. बता दें कि सिमडेगा का यह पहला मामला है.
11th Case : झारखंड में 11वां मामला 15 अप्रैल को आया. इसमें रांची के हिंदपीढ़ी का एक पॉजिटिव मरीज शामिल है.
12th Case : झारखंड में 12वां मामला 16 अप्रैल को आया. इसमें धनबाद के कुमारधुबी का एक मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया.
13th Case : झारखंड में कोरोना का 13वां मामला 17 अप्रैल को आया. इसमें राजधानी रांची के हॉटस्‍पॉट हिंदपीढ़ी से एक और आजाद बस्‍ती से एक मरीज की पुष्टि हुई है.