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कश्मीरी नेताओं से बोले पीएम मोदी- दिल्ली व दिल की दूरी खत्म करना चाहता हूं

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एजेंसी/जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाबैठक खत्म हो चुकी है। बैठक में आए नेताओं के साथ पीएम मोदी की जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें पीएम मोदी सभी नेताओं से मुस्कुरा कर मिलते नजर आ रहे हैं। कश्मीरी नेता भी पीएम से मिलकर खुश नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी के साथ कश्मीरी नेताओं की ऐसी तस्वीरों को लेकर कई राजनीतिक विश्लेषक अपनी-अपनी तरफ से कयास लगा रहे हैं कि क्या वाकई पीएम मोदी कश्मीर नेताओं से दिल की दूरी को खत्म कर पाएंगे?
इस बैठक के बाद न्यूज एजेंसी ANI  ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी नेताओं की सलाह को सुना और उनसे जरुरी राय भी ली। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रशंसा भी जाहिर की है कि सभी नेताओं ने ईमानदारी से अपना पक्ष रखा। इस बैठक का लब्बोलुआब यहीं रहा कि कश्मीर के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशीला रखी जाए। पीएम मोदी ने बैठक में आए कश्मीर नेताओं से कहा है कि वो दिल्ली और दिल की दूरी को खत्म करना चाहते हैं। 

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के करीब दो साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर आज जम्मू-कश्मीर के 8 दलों के 14 नेताओं के साथ बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक बातचीत की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के अलावा उमर अब्दुल्ला, कवींद्र गुप्ता, निर्मल सिंह, रवींद्र रैना जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
ताजा अपडेट के मुताबिक पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के विकास समेत परिसीमन और अन्य मुद्दों पर स्थानीय नेताओं के साथ चर्चा की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से दिल्ली और दिल की दूरी खत्म करने की बात की। साथ ही उन्होंने सभी दलों के नेताओं को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि हम जम्मू—कश्मीर के हित के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। परिसीमन होगा और उसके बाद अन्य कदम उठाए जाएंगे।

पीएम आवास पर बैठक में किसने क्या कहा :
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह –

PM ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी जगह विकास पहुंचे इसके लिए साझेदारी हो। विधानसभा चुनाव के लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना होगा ताकि हर क्षेत्र प्राप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व विधान सभा में प्राप्त हो सकें।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब नबी आजाद –

हमने कांग्रेस की तरफ से पांच मांगें रखी हैं। राज्य को बंटवारा नहीं होना चाहिए। उनकी पहली मांग है कि राज्य का दर्जा वापस दिया जाए। सदन के अंदर गृह मंत्री और पीएम ने यह आश्वासन दिया था कि हम राज्य का दर्जा बहाल करेंगे एक समय पर। हमने कहा कि समय आ गया है, शांति है सीजफायर भी है। इससे ज्यादा अनुकूल समय नहीं हो सकता है। दूसरी मांग के तहत हमने लोकतंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके लिए पंचायत और जिला परिषद के चुनाव किए और अब विधानसभा का चुनाव भी तुरंत हों। तीसरी मांग को लेकर बताया कि डोमिसाइल रूल से संबंधित है। जमीन का रूल हमारे महाराजा के समय से था। बाद में नौकरी का भी थी। केंद्र सरकार को ये गारंटी देना चाहिए कि जब वो बिल लाएगी तो नौकरी की गारंटी देगी। चौथी मांग कश्मीरी पंडितों से जुड़ा है। अधिकांश कश्मीरी पंडित 30 साल से बाहर हैं। कुछ जम्मू और कश्मीर में भी हैं। कश्मीर के हरेक राजनीतिक दल और नेता की मौलिक जिम्मेदारी है कि वे कश्मीर के पंडितों को वापस लाएं और उनको बसाने में सरकार की मदद करें। पांचवीं और आखिरी मांग के तौर पर आजाद ने कहा कि 5 अगस्त स्टेट के दो हिस्से किए गए उसपर भी विचार किया जाए।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती –

मैंने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि अगर आपको धारा 370 को हटाना था तो आपको जम्मू-कश्मीर की विधान सभा को बुलाकर इसे हटाना चाहिए था। इसे गैरकानूनी तरीके से हटाने का कोई हक नहीं था। हम धारा 370 को संवैधानिक और कानूनी तरीके से बहाल करना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग धारा 370 के रद्द होने से नाराज हैं। हम जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को फिर से बहाल करेंगे। इसके लिए हम शांति का रास्ता अपनाएंगे। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेस नेता अब्दुल्ला –

हमने बैठक में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के द्वारा 370 को खत्म करने के फैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे। हम अदालत के जरिए 370 के मामले पर अपनी लड़ाई लड़ेंगे। लोग चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से राज्य का दर्जा दिया जाए।

जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना

पीएम मोदी ने बहुत ही बढ़िया बैठक आयोजित की। उन्होंने प्रधानमंत्री ने कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पीएम ने कहा कि कश्मीर के सभी लोग मेरे दिल में बसते हैं। कश्मीर के विकास और भलाई के लिए काम करेंगे।


जम्मू -कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह –

सर्वदलीय बैठक में खुलकर बातें हुई हैं। पीएम ने कश्मीर के विकास के लिए आगे बढ़ने की बात कही है। सभी लोगों ने अपनी बात रखी। हम चाहते हैं कि कश्मीर में आने वाले वक्त में चुनाव हो, लोकतंत्र की बहाली हो। लगभग सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू-कश्मीर में शांति होनी चाहिए और वहां लोकतांत्रिक तरीके से सरकार आनी चाहिए। पीएम ने सभी नेताओं से अपील की कि शांति तभी होगी जब सभी मिलकर काम करेंगे। परिसीमन किया जाएगा और इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। परिसीमन आयोग सभी से चर्चा करेगा। उसके बाद चीजें आगे बढ़ेंगी।
बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता –
इस बैठक से साफ हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर विधानसभा का गठन होगा।
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के नेता अल्ताफ बुखारी –

आज अच्छे माहौल में वार्ता हुई। सभी ने विस्तार से अपनी बात रखी है। पीएम और गृह मंत्री ने सबकी बातें सुनी। पीएम ने कहा कि डिलिमिटेशन की प्रक्रिया खत्म होने पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
पीडीपी नेता हुसैन बेग –

सर्वदलीय बैठक बहुत शानदार हुई। सुप्रीम कोर्ट धारा 370 के मामले पर फ़ैसला करेगा।
कश्मीरी नेता मुजफ्तर बेग –

पीएम मोदी ने हालात को बदलने का आश्वासन दिया हैं। हम उम्मीद करते हैं आने वाले दिनों में जम्मू—कश्मीर में बदलाव नजर आएगा।

किसान विरोधी काला कानून के विरोध में 17 मई को मोरहाबादी मैदान में किसानों का महापंचायत,स्वर्ण इण्डिया न्यूज़

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राँची//आज दिनांक 19 फरवरी को सीपीआई कार्यालय में वामदलों एवं किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैठक सीपीएम के राज्य सचिव गोपी कांत बख्शी की अध्यक्षता में हुई जिसमें मुख्य रुप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सहपूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता केडी सिंह सहायक सचिव महेंद्र पाठक भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद सीपीआईएम के प्रफुल्ल लिंडा मार्क्सवादी समन्वय समिति के मिथिलेश सिंह राजेंद्र गोप सीपीआई के अजय कुमार सिंह किसान राजद प्रकोष्ठ के अवधेश पाल सीपीआईएम के सुफल महतो सहित कई लोग मौजूद थे बैठक के बाद प्रेस वार्ता में भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा केंद्र की मोदी सरकार हठधर्मिता को अपनाते हुए किसान आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है इसीलिए ढाई महीने से अधिक समय से लाखों किसान दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हुए हैं लेकिन मोदी सरकार किसानों को प्रताड़ित करने में लगी हुई है देश के किसान नौजवान मजदूर सभी प्रभावित हो रहे हैं महंगाई चरम पर है महंगाई के कारण आम जनता को जीना दूभर हो चुका है इसीलिए किसान आंदोलन में एकजुटता जाहिर करने के लिए झारखंड के किसान संगठनों के लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मार्च महीने से पंचायत गांव से लेकर प्रखंड एवं जिला स्तर तक किसान पंचायत का आयोजन पूरे राज्य भरमें किया जाएगा अप्रैल माह में प्रमंडलीय किसान पंचायत एवं 17 मई को रांची के मोराबादी मैदान में किसान महापंचायत रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमेंसभी विपछि दलो के नेता सामाजिक और जनवादी विचारक और झारखण्ड के मुख्यमंत्रीश्री हेमंत सोरेन को भी आमंत्रित कर उस रैली में शामिल होने की अपील की जाएगी रांची के किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए कई गांव से हजारों की संख्या में पैदल मार्च कर भी रांची पहुंचेंगे महंगाई के खिलाफ केंद्र के मोदी सरकार का पुतला 21 फरवरी को पूरे राज्य में गांव से लेकर शहर तक जलाया जाएगा नेताओं ने कहा कि भाजपा महंगाई की जननी है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार आम जनता पर कहर बरपा रही है इसीलिए आम जनता को भी जागरूक होकर केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों केखिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए एवम केंद्र सरकार की जान विरोधी ,मजदुर विरोधी महिला विरोधी नौजबन विरोधी एवम आम अबाम एवम किसान विरोधी सरकार के खिलाफ जन आन्दोलन चलाया जाए बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव भुवनेश्वर प्रसाद मेहता सहायक राज्य सचिव महेंद्र पाठक पूर्व राज्य सचिव के डीसी रांची जिला सचिव अजय सिंह सीपीआईएम के राज्य सचिव गोपी कांत बक्शी आदिवासी महासभा के पर फुल लिंडा एआई केस के सुफल महतो मार्क्सवादी समन्वय समिति के मिथिलेश सिंह किसान संग्राम समिति के राजेंद्र को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के संयोजक महेंद्र पाठक राष्ट्रीय जनता दल किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अवधेश पाल सहित कई लोग मौजूद थे अजय कुमार सिंह कार्यालय सचिव रांची

सीपीएम के राज्य सचिव गोपी कांत बख्शी की अध्यक्षता में हु
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,झारखंड राज्य

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने वनोपज झारखंड अभीवहन का बिनियमन नियमावली 2020 की कड़ी आलोचना की है


रांची, 4 जुलाई: कम्युनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया (सीपीआई) ने झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली-2020 की कड़ी आलोचना की है। इस संबंध में पार्टी की ओर बयान जारी करते हुए राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह जिला सचिव अजय कुमार सिंह, राज्य परिषद सदस्य उमेश नजीर ने झारखंड सरकार की इस नियमावली को केंद्रीय कानून पेसा कानून, 1996 का विरोधी बताया है और ग्रामीण झारखंड की आजीविका के मूल स्रोत जंगल पर उनके शाश्वत अधिकार, जो वनाधिकार कानून, 2006 भी प्रदान करता है, पर हमला है। नेताद्वय ने इस काले कानून अविलंब वापस लेने की मांग की है।
अपने बयान में अजय सिंह ने कहा है कि पेसा कानून, 1996, जो पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभा को लघु वनोपज और गौण खनिजों पर नियंत्रण और प्रबंधन का अधिकार देती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड बनने के 20 साल होने को है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने इस कानून के लिए कोई नियमावली नहीं है। जबकि राज्य सरकार को दायित्व था कि इस कानून की नियमावली बनाये। ………….अजय सिंह


उन्होंने कहा कि पेसा कानून, 1996 के अंतर्गत ग्रामसभा को उक्त अधिकार को झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली- 2020 खंडित करती है। क्योंकि इस नियमावली में जंगल से जलावन लाने पर वन विभाग को शुल्क लेने का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही इस नियमावली के आने से वनोपज पर अपनी आजीविका चलाने वाले आदिवासियों और अन्य वनाश्रित समुदायों के समक्ष जीवन-मरण का प्रश्न पैदा करेगा।
नेताद्वय ने झारखंड सरकार से अपील की है कि झारखंड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली-2020 को राज्य सरकार को वापस लें, ताकि झारखंडी समुदायों के संघर्ष के मूल आधार- जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकार की लड़ाई को सम्मान दिया जा सके।

सांसद महेश पोद्दार व संजय सेठ मिले उप राष्ट्रपति से

रांची : सांसद श्री महेश पोद्दार एवं सांसद श्री संजय सेठ ने झारखंड दौरे पर आये उप राष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू से राजभवन में मुलाकात की। राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भी इस मुलाकात के दौरान उपस्थित थीं। मुलाकात के बाद सांसद द्वय ने कहा कि माननीय उप राष्ट्रपति का झारखंड से गहरा लगाव है और पूरी बातचीत में यह बार – बार जाहिर भी हो रहा था। श्री नायडू सक्रिय राजनीति के दौर में सांगठनिक दायित्वों की वजह से झारखंड के अधिकांश वरिष्ठ राजनेताओं से परिचित हैं और आज की मुलाकात में उन्होंने सांसद द्वय से इनमें से कई का हालचाल पूछा।

झारखंड प्रदेश डीजल ऑटो चालक महासंघ के संस्थापक श्री दिनेश सोनी ने सभी महासंघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी सदस्यों को अपने कारभार और सर्टिफिकेट एवं महासंघ के संविधान की कॉपी सभी को दी गई

आज दिनांक 17 जनवरी 2020 को झारखंड प्रदेश डीजल ऑटो चालक महासंघ के पूर्व घोषणा के अनुसार आज दिनांक 17 जनवरी 2020 को झारखंड प्रदेश डीजल ऑटो चालक महासंघ के संस्थापक श्री दिनेश सोनी ने सभी महासंघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी सदस्यों को अपने कारभार और सर्टिफिकेट एवं महासंघ के संविधान की कॉपी सभी को दी गई जिसमें संरक्षक कमलाकांत झा अनवर एजाज दिलीप वर्मा अध्यक्ष राम कुमार सिंह उपाध्यक्ष ओम प्रकाश महासचिव रामाशंकर सिंह सचिव शिशिर खलखो दिलीप कुमार साहू सौरभ सहाय कोषा अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह संगठन मंत्री मनोज साहू छोटन सिंह सलाहकार मंत्री वीरेंद्र साहू कार्यकारी सदस्य आकाश भारती अमर मुंडा आनंद बर्मा ललन सिंह दिनकर मुखर्जी पप्पू सिंह धर्मेंद्र सिंह गुड्डू संजय प्रमोद एक का लालू सिंह तबरेज अहमद आनंद कुमार एवं विष्णु सोनी को सर्टिफिकेट और संविधान की कॉपी दी गई है और सभी को निर्देश भी दिया गया है कि जो भी ऑटो चालक मालिकों की हक अधिकार की लड़ाई लड़कर उस हक अधिकार दिलाने का काम करेंगे इसकी जानकारी महासंघ के महासचिव रामाशंकर सिंह ने दी है

बाबूलाल के भाजपा में शामिल कराने के केन्द्रीय नेतृत्व के फैसले को स्वीकारने लगे हैं प्रदेश के भाजपाई

सुनील पोद्दार की रिपोर्ट
रांची : कभी कुतुब मीनार से कूदना पसंद करने वाले बाबू लाल मरांडी भाजपा में जाना पसद नहीं करते थे लेकिन बदली राजनीति के तहत बाबूलाल मरांडी की झारखंड में भाजपा के खेवनहार बनेंगे ।खरवास के बाद भाजपा की पूरी बागडोर बाबूलाल मरांडी संभालेंगे बाबूलाल मरांडी अब 2024 में भाजपा से मुख्यमंत्री बनने का सपना सवारना चाहते हैं और अपने 2006 में बनाई गई पार्टी झारखंड विकास मोर्चा को समाप्त करना चाहते हैं। बाबूलाल के प्रति भाजपा का उमड़ा प्रेम यूं ही नहीं पनपा है। रघुवर दास के चुनाव हारने और अर्जुन मुंडा के केंद्रीय राजनीति में शिफ्ट हो जाने के बाद जो जगह खाली हुई है, उसकी पूर्ति करने के लिए भाजपा में फिलहाल कोई चेहरा नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश में पचास लाख सदस्यों का दावा करने वाली भाजपा में अचानक नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि इसकी भरपाई बाबूलाल मरांडी ही कर सकते हैं। बाबूलाल मरांडी अब भाजपा की जरूरत भी बन गए हैं और मजबूरी भी।
हालांकि, बाबूलाल की घर वापसी होगी या नहीं, इसे लेकर अब भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। बाबूलाल विदेश में हैं, उसकी वापसी पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। बाबूलाल की स्थिति स्पष्ट न होने के बावजूद प्रदेश भाजपा का प्रेम अचानक उन पर जाग उठा है। शनिवार को बाबूलाल मरांडी के जन्म दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा अगली-पिछली पंक्ति के तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी। जाहिर है प्रदेश भाजपा के नेताओं ने अघोषित रूप से उन्हें अपना नेता स्वीकार करना शुरू कर दिया है। विदेश दौरे पर होने के बावजूद बाबूलाल अपने ट्विटर एकाउंट पर सक्रिय रहे और बधाई देने वालों का आभार भी जताया। ट्विटर पर बाबूलाल पूरे 20 दिन बाद सक्रिय नजर आए। इससे पूर्व उन्होंने अपना आखिरी ट्वीट 21 दिसंबर को किया था। हालांकि, बाबूलाल को बधाई देेने वालों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व अन्य दलों के नेता भी शामिल थे।।

झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ लिया हेमंत सोरेन ने

रिपोर्टर:-सुनील पोद्दार
प्लेस:-राँची
स्लग:-झारखंड के मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ लिया हेमंत सोरेन ने
*11वें मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत ने ली शपथ-आलमगीर,रामेश्वर और सत्यानंद ने भी ली मंत्री पद की शपथ*

रांची: झारखण्ड के 11 मुख्यमंत्री के तौर पर आज हेमंत सोरेन ने शपथ ले ली हैl झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मु ने रांची के मोरहाबादी मैदान में हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। हेमंत सोरेन के साथ आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव और सत्यानंद भोक्ता ने मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली।इस शपथ समारोह में हेमंत सोरेन का परिवार में मंच पर हेमंत के पिता शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन मौजूद रहे। उनकी पत्नी समेत परिवार के बाकी सदस्य भी समारोह में उपस्थित थे। बता दें कि, हेमंत सोरेन ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले हेमंत ने जुलाई 2013 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। जेएमएम-राजद-कांग्रेस के साथ मिलकर उन्होंने 1 साल 5 महीने 15 दिनों तक सरकार चलाई थी।ज्ञातव्य हो कि, झारखंड की 81 विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में हेमंत सोरेन की अगुवाई में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन 47 सीट हासिल की थीं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को 30, कांग्रेस को 16 और आरजेडी को 1 सीट मिली है, जबकि 3 सीट हासिल करने वाली बाबूलाल मरांडी की झाविमो भी गठबंधन सरकार को समर्थन दे रही है। बीजेपी को चुनाव में 25 सीटें मिली जबकि आजसू को 2 सीटें हासिल हुईं।शपथग्रहण समारोह में मंच पर झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन मौजूद रहेl इनके अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह, टी आर बालू, कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह, पूर्व सांसद उदित राज, तरूण गोगोई, सीएम भूपेश बघेल, सीएम अशोक गहलोत, सीएम ममता बनर्जी, डी राजा, जीतन राम मांझी, आप सांसद संजय सिंह, सीताराम येचुरी, तेजस्वी यादव,अतुल अनजान, शरद यादव, आरजेडी नेता जय प्रकाश नारायण यादव, अब्दुल बारी सिद्दकी, पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी, डीएमके नेता एम के स्टालिन, सांसद कनीमोझी और टी आर बालू भी मौजूद रहे।।

बरहेट में पी एम मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए हुए बोले,अगर कांग्रेस में हिम्मत हैं तो कहें पाक के हर नागरिक को देगी नागरीकता

दुमका/रांची । झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवे और आखिरी चरण के लिए 20 दिसंबर को मतदान किए जाएंगे। इसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बरहेट में सभा करने पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आज कांग्रेस और उनके साथी दलों को खुलेआम चुनौती देता हूं कि अगर उनमें हिम्मत हैं तो वो खुलकर घोषणा करें कि वो पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देने के लिए तैयार हैंl देश उनका हिसाब चुकता कर देगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों में अगर साहस है तो खुलकर ये भी घोषणा करें कि वो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिर से अनुच्छेद 370 को लागू करेंगे। अगर हिम्मत है, तो वो ये भी खुलकर घोषणा करें कि तीन तलाक के खिलाफ जो कानून बना है, उसे रद्द कर देंगे।

पीएम ने कहा कि कांग्रेस और इसके साथी इस चुनौती को स्वीकार करें और खुलकर ये ऐलान करें वरना देश से झूठ बोलना, भ्रम फैलाना और दूसरों को अपनी ढाल बनाकर ये गुरिल्ला राजनीति करना बंद कर दें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी देश के युवाओं को बर्बाद करने का ये खेल खेलना बंद कर दें। कांग्रेस की बांटो और राज करो इसी नीति की वजह से देश का एक बार बंटवारा हो चुका है। मां भारती के टुकड़े पहले हो चुके हैं। यही कांग्रेस है जिसने अवैध तरीके से लाखों घुसपैठियों को भारत में घुसने दिया, यहां उनको वोटबैंक के नाम पर इस्तेमाल किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज झारखंड की इस धरती से, इन वीर पुत्रों की धरती से, देश के मर-मिटने वाले इन बलिदानियों की धरती से मैं फिर एक बार पूरे देश को, देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे हिंदू हो मुसलमान हो, हर को फिर से कहना चाहता हूं इस कानून से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई भी असर नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि मैं फिर से स्पष्ट कर दूं, भारत सरकार का एक ही ग्रंथ है बाबा साहब आंबेडकर का दिया हुआ संविधान। हमारे लिए एक ही मंत्र सर्वोपरि है और एक ही मंत्र हमारी प्रेरणा है।

पीएम ने कहा कि मेरा देश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवा साथियों से भी आग्रह है कि आप अपने महत्व को समझें, जहां आप पढ़ रहे हैं उन संस्थानों का महत्व समझें। सरकार के फैसलों और नीतियों को लेकर चर्चा करें, डिबेट करें। उन्होंने कहा कि अगर आपको कुछ गलत लगता है तो लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करें, सरकार तक अपनी बात पहुंचाएं। ये सरकार आपकी हर बात, हर भावना को सुनती, समझती है

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पूरे देश को, देश के प्रत्येक नागरिक को चाहे हिंदू हो या मुस्लिम को फिर ये कहना चाहता हूं कि इस कानून से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को डराने के लिए कांग्रेस, उसके जैसे दलों और उसके वामपंथी इकोसिस्टम ने पूरी ताकत झोंक दी है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर फिर ये सफेद झूठ बोलने लगे हैं, लोगों को डराने लगे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने जो कानून बनाया है वो तो हमारे पड़ोस के तीन देशों में, धार्मिक अत्याचार की वजह से भारत आने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। ये उन लोगों के लिए बनाया गया है जो बरसों से बहुत दयनीय स्थिति में हैं, जिनके पास वापसी का कोई रास्ता नहीं है।

उन्होंने कहा कि वे जनता की सेवा करके राजनीति नहीं कर सकते अभी भी वे झूठ फैलाकर, डर फैलाकर अपनी राजनीति करने की आदत के भरोसे चल रहे हैं।

अनुच्छेद 370 को लेकर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को लेकर भी इन्होंने यही डर दिखाया। अगर 370 को हाथ लगाया गया तो करंट लग जाएगा, करंट। बवाल हो जाएगा, देश का टुकड़ा हो जाएगा। यही बोलते थे न, यही डर दिखाते थे न।

पीएम ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाव को बढ़ने दिया, आतंकवाद को बढ़ने दिया। वहां से पंडितों को निकाला गया। ये देखते रह गए, लेकिन इन्होंने निर्णय नहीं लिया। लेकिन जब आपने इस सेवक को फिर आदेश दिया तो अनुच्छेद 370 भी समाप्त हो गया और शांतिपूर्ण तरीके से आज कश्मीर भी आगे बढ़ने लग गया।

उन्होंने कहा कि आपने इस डर को, इस छल को नकार दिया। पूरे देश ने इस कांग्रेस और उसके साथियों की नकारात्मक सोच को ही नकार दिया लेकिन लोगों को डराने को, झूठी बातों को फैलाने को, उन्होंने अपनी राजनीति का आधार बना लिया है- प्रधानमंत्री श्री

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि साथियों! ये हमारे बरहेट में राम-जानकी विराजमान हैं। भगवान राम ने 14 साल आदिवासियों के बीच में अपना जीवन बिताया है। यहां भव्य श्रद्धा केंद्र राम जी का मंदिर है।

उन्होंने कहा कि आप मुझे बताइए, अयोध्या में रामजन्म भूमि का मामला इतने सालों से लटक रहा था, इसका समाधान होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए था। ये मसला शांति से सुलझना चाहिए था कि नहीं। सत्य के मार्ग के सबको चलना चाहिए था कि नहीं चलना चाहिए था।

पीएम ने कहा कि लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ? क्योंकि वो वही काम करते थे, जिनमें अपनी राजनीति की रोटियां सेंकते रहें। इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि इसका हल कांग्रेस और उसके साथी कभी नहीं चाहते थे। लटकाना, भटकाना इसी में उनकी राजनीति की खिचड़ी पकती थी।

प्रधानमंत्री ने सभा में कहा कि वो राजनीति करते रहे, सबको डराते रहे और देश अयोध्या में राममंदिर का इंतजार करता रहा। मेरे प्यारे भाइयों, बहनों! हम राष्ट्रनीति पर चले और अयोध्या में भव्य राममंदिर का रास्ता आज साफ हो गया।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद कहीं कोई तनाव नहीं हुआ ना ही कोई दंगा हुआ। ये सब चीजें शांति से हो गई। देश में सभी काम शांति से होने चाहिए। अब मोदी सबकुछ शांति से कर रहा है तो उनके (विपक्ष) के पेट में चूहे दौड़ रहे हैं।

पीएम ने कहा कि मोदी को, भाजपा को मिल रहा देश का प्यार इनको (विपक्ष) पच नहीं रहा है। इनको ये समझ ही नहीं आ रहा है कि जिन बातों को लेकर दशकों तक देश को इन्होंने डराया, वो आखिर झूठ क्यों साबित हुईं।

पीएम ने कहा कि झारखंड सहित देशभर की आठ करोड़ से अधिक बहनों को पहली बार मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है। ये आदिवासी को भी मिला, पिछड़े को भी मिला, दलित को भी मिला, सामान्य वर्ग को भी मिला। हर पंथ, हर संप्रदाय के गरीबों को इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि कमल का फूल खिलता है तो आदिवासियों का भला होता है, महिलाओं का भला होता है, किसानों का भला होता है और युवाओं का भला होता है।

पीएम मोदी ने कहा कि देशभर के करोड़ों गरीब किसानों, खेत मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, दुकानदारों को तीन हजार रुपये की पेंशन की सुविधा मिली है, वो भी बिना भेदभाव के। देश के करीब दो करोड़ गरीबों और झारखण्ड के 10 लाख गरीबों के लिए अगर घर बने तो ये भी बिना किसी भेदभाव के।

आयुष्मान भारत की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत के अंतर्गत हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी देश के हर गरीब को मिल रहा है। इस योजना से पूरे देश के करीब 67 लाख और झारखंड के दो लाख से ज्यादा गरीब परिवारों का मुफ्त इलाज हो भी चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सच उजागर होकर आ गया है कि अगर सबसे ज्यादा सुरक्षा कहीं है तो वह भाजपा की सरकारों में ही है। वे इस बात से परेशान हैं, आखिर जिन मामलों को इन्होंने लटकाए रखा, ऐसे मसले लोगों को भी चिंतित कर देते थे, उत्तेजित कर देते थे, परेशान कर देते थे ऐसे मामलों को आज मोदी ने कैसे सुलझा दिया।

उन्होंने कहा कि दूर-दूर से इतनी बड़ी तादात में आप मुझे यहां आशीर्वाद देने आएं हैं। आपका यही स्नेह, आशीर्वाद तो जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और देशभर के वामपंथियों को परेशान करता है, उनकी नींद हराम कर देता है। मोदी को, भाजपा को मिल रहा देश का प्यार इनको पच नहीं रहा है।

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में चार चरणों का मतदान हो चुका है और हर चरण में भारी एवं शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। झारखंड के मतदाताओं ने डर और भय से मुक्त होकर मतदान किया है। इस बार भी हर तरफ एक ही आवाज है – ‘झारखण्ड पुकारा, भाजपा दोबारा’।

उन्होंने कहा कि वीर वीरांगनाओं के आशीर्वाद से भाजपा सरकार पूरे देश में आदिवासी सेनानियों से जुड़े संग्रहालय बना रही है ताकि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में, भारत के निर्माण में हिंदुस्तान के हर कोने में इन आदिवासी वीरों के योगदान में भारत हमेशा-हमेशा याद रखे।

पीएम मोदी ने कहा कि जब से भाजपा की एनडीए सरकार देश में है तबसे हर वर्ग, हर संप्रदाय के हित में हमने काम किया। झारखंड सहित पूरे देश के करोड़ों किसान परिवारों के बैंक खातों में 36 हजार करोड़ रुपये सीधे जमा हो चुके हैं। ये हर वर्ग, हर संप्रदाय के किसानों के खाते में जमा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि जब गरीब को, आदिवासी को लगता है कि मेरा कोई अपना है जो दिल्ली में बैठकर उसका ध्यान रख रहा है, उसके बच्चों का ध्यान रख रहा है, तो गरीब से गरीब, जंगलों में रहने वाला मेरा भाई, मेरी बहनें हम पर भरपूर आशीर्वाद बरसाते हैं।

इस चुनाव में प्रचार के लिए राज्य में यह उनका छठा दौरा है। इससे पहले उन्होंने दुमका में भी सभा की थी। पांचवे चरण के चुनाव में झारखंड विधानसभा की 16 सीटों पर मतदान किए जाएंगे।

बरहेट से भाजपा ने सिमोन मालतो को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि झामुमो ने गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन को चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस का सीधा मुकाबला है। बरहेट में मोदी के साथ बोरियो, लिट्टीपाड़ा, राजमहल, पाकुड़, महगामा और गोड्डा के उम्मीदवार भी मंच पर मौजूद रहेंगे।

2014 में हुए विधानसभा चुनावों में इन 16 सीटों में से छह सीटों पर झामुमो, पांच पर भाजपा, तीन पर कांग्रेस और दो पर जेवीएम ने जीत हासिल की थी। वहीं, साल 2009 में हुए इन विधानसभा सीटों के चुनाव में नौ सीटों पर झामुमो, दो पर भाजपा, दो पर जेवीएम और एक-एक सीट कांग्रेस, राजद और निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी।

रिपोर्ट:-दुमका बयूरो

अमित शाह का बड़ा बयान- अयोध्या में चार महीने में बनेगा आसमान छूता राम मंदिर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पाकुड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर निर्माण पर बड़ा बयान दिया है. अमित शाह ने भरी जनसभा में बाकायदा राम मंदिर निर्माण का समय भी बता दिया. शाह ने कहा कि 4 महीने के अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनने जा रहा है.

अमित शाह ने कहा कि अभी कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के लिए फैसला दिया, 100 वर्षों से दुनिया भर के भारतीयों की मांग थी कि वहां राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनना चाहिए. राम मंदिर की दशकों पुरानी मांग का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हर कोई राम मंदिर निर्माण चाहता था, लेकिन कांग्रेस और उसके वकील कोर्ट में इसके सामने रोड़ा अटकाते रहते थे. शाह ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता और वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में कहते थे कि अभी केस मत चलाइये, क्यों भाई आपके पेट में क्यों दर्द हो रहा है?’

कांग्रेस पर मंदिर केस में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का वक्त भी बता दिया. शाह ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, 4 माह के अंदर आसमान को छूता हुआ प्रभु राम का मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है.’

राम मंदिर समेत दूसरे तमाम मुद्दों पर घेरते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस न विकास कर सकती है, न देश को सुरक्षित कर सकती है और न देश की जनता की जन भावनाओं का सम्मान कर सकती है.।।