कश्मीरी नेताओं से बोले पीएम मोदी- दिल्ली व दिल की दूरी खत्म करना चाहता हूं

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एजेंसी/जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाबैठक खत्म हो चुकी है। बैठक में आए नेताओं के साथ पीएम मोदी की जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें पीएम मोदी सभी नेताओं से मुस्कुरा कर मिलते नजर आ रहे हैं। कश्मीरी नेता भी पीएम से मिलकर खुश नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी के साथ कश्मीरी नेताओं की ऐसी तस्वीरों को लेकर कई राजनीतिक विश्लेषक अपनी-अपनी तरफ से कयास लगा रहे हैं कि क्या वाकई पीएम मोदी कश्मीर नेताओं से दिल की दूरी को खत्म कर पाएंगे?
इस बैठक के बाद न्यूज एजेंसी ANI  ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी नेताओं की सलाह को सुना और उनसे जरुरी राय भी ली। पीएम मोदी ने इस बात पर प्रशंसा भी जाहिर की है कि सभी नेताओं ने ईमानदारी से अपना पक्ष रखा। इस बैठक का लब्बोलुआब यहीं रहा कि कश्मीर के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशीला रखी जाए। पीएम मोदी ने बैठक में आए कश्मीर नेताओं से कहा है कि वो दिल्ली और दिल की दूरी को खत्म करना चाहते हैं। 

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के करीब दो साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर आज जम्मू-कश्मीर के 8 दलों के 14 नेताओं के साथ बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक बातचीत की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के अलावा उमर अब्दुल्ला, कवींद्र गुप्ता, निर्मल सिंह, रवींद्र रैना जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
ताजा अपडेट के मुताबिक पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के विकास समेत परिसीमन और अन्य मुद्दों पर स्थानीय नेताओं के साथ चर्चा की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से दिल्ली और दिल की दूरी खत्म करने की बात की। साथ ही उन्होंने सभी दलों के नेताओं को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि हम जम्मू—कश्मीर के हित के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। परिसीमन होगा और उसके बाद अन्य कदम उठाए जाएंगे।

पीएम आवास पर बैठक में किसने क्या कहा :
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह –

PM ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी जगह विकास पहुंचे इसके लिए साझेदारी हो। विधानसभा चुनाव के लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना होगा ताकि हर क्षेत्र प्राप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व विधान सभा में प्राप्त हो सकें।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब नबी आजाद –

हमने कांग्रेस की तरफ से पांच मांगें रखी हैं। राज्य को बंटवारा नहीं होना चाहिए। उनकी पहली मांग है कि राज्य का दर्जा वापस दिया जाए। सदन के अंदर गृह मंत्री और पीएम ने यह आश्वासन दिया था कि हम राज्य का दर्जा बहाल करेंगे एक समय पर। हमने कहा कि समय आ गया है, शांति है सीजफायर भी है। इससे ज्यादा अनुकूल समय नहीं हो सकता है। दूसरी मांग के तहत हमने लोकतंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके लिए पंचायत और जिला परिषद के चुनाव किए और अब विधानसभा का चुनाव भी तुरंत हों। तीसरी मांग को लेकर बताया कि डोमिसाइल रूल से संबंधित है। जमीन का रूल हमारे महाराजा के समय से था। बाद में नौकरी का भी थी। केंद्र सरकार को ये गारंटी देना चाहिए कि जब वो बिल लाएगी तो नौकरी की गारंटी देगी। चौथी मांग कश्मीरी पंडितों से जुड़ा है। अधिकांश कश्मीरी पंडित 30 साल से बाहर हैं। कुछ जम्मू और कश्मीर में भी हैं। कश्मीर के हरेक राजनीतिक दल और नेता की मौलिक जिम्मेदारी है कि वे कश्मीर के पंडितों को वापस लाएं और उनको बसाने में सरकार की मदद करें। पांचवीं और आखिरी मांग के तौर पर आजाद ने कहा कि 5 अगस्त स्टेट के दो हिस्से किए गए उसपर भी विचार किया जाए।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती –

मैंने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि अगर आपको धारा 370 को हटाना था तो आपको जम्मू-कश्मीर की विधान सभा को बुलाकर इसे हटाना चाहिए था। इसे गैरकानूनी तरीके से हटाने का कोई हक नहीं था। हम धारा 370 को संवैधानिक और कानूनी तरीके से बहाल करना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग धारा 370 के रद्द होने से नाराज हैं। हम जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को फिर से बहाल करेंगे। इसके लिए हम शांति का रास्ता अपनाएंगे। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेस नेता अब्दुल्ला –

हमने बैठक में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के द्वारा 370 को खत्म करने के फैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे। हम अदालत के जरिए 370 के मामले पर अपनी लड़ाई लड़ेंगे। लोग चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से राज्य का दर्जा दिया जाए।

जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना

पीएम मोदी ने बहुत ही बढ़िया बैठक आयोजित की। उन्होंने प्रधानमंत्री ने कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पीएम ने कहा कि कश्मीर के सभी लोग मेरे दिल में बसते हैं। कश्मीर के विकास और भलाई के लिए काम करेंगे।


जम्मू -कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह –

सर्वदलीय बैठक में खुलकर बातें हुई हैं। पीएम ने कश्मीर के विकास के लिए आगे बढ़ने की बात कही है। सभी लोगों ने अपनी बात रखी। हम चाहते हैं कि कश्मीर में आने वाले वक्त में चुनाव हो, लोकतंत्र की बहाली हो। लगभग सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू-कश्मीर में शांति होनी चाहिए और वहां लोकतांत्रिक तरीके से सरकार आनी चाहिए। पीएम ने सभी नेताओं से अपील की कि शांति तभी होगी जब सभी मिलकर काम करेंगे। परिसीमन किया जाएगा और इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। परिसीमन आयोग सभी से चर्चा करेगा। उसके बाद चीजें आगे बढ़ेंगी।
बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता –
इस बैठक से साफ हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर विधानसभा का गठन होगा।
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के नेता अल्ताफ बुखारी –

आज अच्छे माहौल में वार्ता हुई। सभी ने विस्तार से अपनी बात रखी है। पीएम और गृह मंत्री ने सबकी बातें सुनी। पीएम ने कहा कि डिलिमिटेशन की प्रक्रिया खत्म होने पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
पीडीपी नेता हुसैन बेग –

सर्वदलीय बैठक बहुत शानदार हुई। सुप्रीम कोर्ट धारा 370 के मामले पर फ़ैसला करेगा।
कश्मीरी नेता मुजफ्तर बेग –

पीएम मोदी ने हालात को बदलने का आश्वासन दिया हैं। हम उम्मीद करते हैं आने वाले दिनों में जम्मू—कश्मीर में बदलाव नजर आएगा।

MSP था, MSP है और MSP रहेगा… खत्म कीजिए आंदोलन: PM मोदी

MSP था, MSP है और MSP रहेगा… खत्म कीजिए आंदोलन: PM मोदी

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन की तपिश के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष को जमकर घेरा, लेकिन साथ ही आंदोलनकारी किसानों से एक खास अपील भी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि MSP था, MSP है और MSP रहेगा, किसानों को आंदोलन खत्म करना चाहिए.

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‘MSP था, है और रहेगा…’
कृषि कानूनों के मसले पर पीएम मोदी ने कहा कि सदन में सिर्फ आंदोलन की बात हुई है, सुधारों को लेकर चर्चा नहीं की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब लाल बहादुर शास्त्री जी को जब कृषि सुधारों को करना पड़ा, तब भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. लेकिन वो पीछे नहीं हटे थे. तब लेफ्ट वाले कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट बताते थे, आज मुझे ही वो गाली दे रहे हैं. पीएम ने कहा कि कोई भी कानून आया हो, कुछ वक्त के बाद सुधार होते ही हैं.

पीएम मोदी ने अपील करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को समझाते हुए हमें आगे बढ़ना होगा, गालियों को मेरे खाते में जाने दो लेकिन सुधारों को होने दो. पीएम मोदी ने कहा कि बुजुर्ग आंदोलन में बैठे हैं, उन्हें घर जाना चाहिए. आंदोलन खत्म करें और चर्चा आगे चलती रहे. किसानों के साथ लगातार बात की जा रही है. पीएम मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि MSP है, था और रहेगा. मंडियों को मजबूत किया जा रहा है. जिन 80 करोड़ लोगों को सस्तों में राशन दिया जाता है, वो भी जारी रहेगा.

कृषि कानूनों पर विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार समेत कई कांग्रेस के नेताओं ने भी कृषि सुधारों की बात की है. शरद पवार ने अभी भी सुधारों का विरोध नहीं किया, हमें जो अच्छा लगा वो किया आगे भी सुधार करते रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि आज विपक्ष यू-टर्न कर रहा है, क्योंकि राजनीति हावी है.

पीएम मोदी ने पढ़ा मनमोहन का बयान
पीएम मोदी ने सदन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का कथन पढ़ा, ‘हमारी सोच है कि बड़ी मार्केट को लाने में जो अड़चने हैं, हमारी कोशिश है कि किसान को उपज बेचने की इजाजत हो’. पीएम मोदी ने कहा कि जो मनमोहन सिंह ने कहा वो मोदी को करना पड़ रहा है, आप गर्व कीजिए. पीएम मोदी ने कहा कि दूध का काम करने वाले, पशुपालन वाले, सफल का काम करने वालों के पास खुली छूट है. लेकिन किसानों को ये छूट नहीं है.

आपको बता दें कि किसानों के आंदोलन को विपक्ष की ओर से लगातार हंगामा किया गया. हालांकि, राष्ट्रपति के अभिभाषण में ही समय को बढ़ाकर किसानों के मसले पर चर्चा की गई. सरकार की ओर से पहले भी कई बार किसानों से बात की जा चुकी है, हालांकि अभी बातचीत रुकी है. लेकिन अब पीएम मोदी के बयान के बाद एक बार फिर से उम्मीद जगी है.

निर्भया कांड से दहल गया था पूरे देश,पढ़ें पूरी रिपोर्ट स्वर्ण इंडिया न्यूज की

नयी दिल्ली। सोलह दिसम्बर 2012 की भयावह काली रात में किये गये गुनाह के दोषियों को सजा तथा निर्भया काे इंसाफ देने की घड़ी करीब आ गयी है और अपराधियों को अब फांसी पर चढ़ाया जाना ही शेष रह गया है।

निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मौत से देश को हिला देने वाले इस वीभत्स कांड के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाये जाने के लिए मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत ने डेथ वारंट जारी कर दिया। चारों दोषियों पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फंदे पर लटकाया जायेगा।

जनमानस को झकझोर देने के साथ ही सत्ता के गलियारों में हलचल मचा देने वाले इस दुष्कर्म और हत्याकांड के घटनाक्रमों से जुड़े तथ्यों का सिलसिलेवार विवरण इस प्रकार है..

16 दिसम्बर 2012.. पैरामेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने उस समय सामूहिक दुष्कर्म और वीभत्स तरीके से मारपीट की जब वह अपने मित्र के साथ एक निजी बस में सफर कर रही थी। पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

17 दिसम्बर 2012.. घटना की खबर फैलते ही लोगों में तीव्र आक्रोश फैल गया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन की शुरुआत हुई। पुलिस ने चार आराेपियों बस चालक राम सिंह, उसके भाई मुकेश विनय शर्मा और पवन गुप्ता के रूप में की पहचान की ।

18 दिसम्बर 2012.. राम सिंह और तीन अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

20 दिसम्बर 2012.. पीड़िता के मित्र का परीक्षण किया गया।

21 दिसम्बर 2012.. नाबालिग आरोपी को दिल्ली के आनंद विहार बस टर्मिनल से पकड़ा गया। पीड़िता के मित्र की निशानदेही पर हरियाणा में मुकेश और छठवें आरोपी अक्षय ठाकुर को बिहार स्थित ठिकाने पर पुलिस ने छापा मारा।

21-22 दिसम्बर 2012.. अक्षय को बिहार के औरंगाबाद से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। अस्पताल में एसडीएम के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किया गया।

दिसम्बर 2012.. घटना के विरोध में प्रदर्शन पर नियंत्रण की कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के कांस्टेबन सुभाष तोमर गंभीर रूप से घायल हो गये और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

25 दिसम्बर 2012.. पीड़िता की हालत गंभीर घोषित की गयी। दूसरी तरफ घायल कांस्टेबल तोमर ने अस्पताल में दम ताेड़ दिया।

26 दिसम्बर 2012.. पीड़िता को दिल का दौरा पड़ने के कारण सरकार की तरफ से उसे सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया।

29 दिसम्बर 2012.. पीड़िता ने 02.15 बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी में हत्या का अपराध दर्ज किया।

02 जनवरी: तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने यौन अपराध मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की।
03 जनवरी: पुलिस ने पांच वयस्कों के खिलाफ हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या के प्रयास, अपहरण और डकैती के मामले में आरोप पत्र दाखिल किए।
05 जनवरी: न्यायालय ने आरोप पत्र पर संज्ञान लिया।
07 जनवरी: न्यायालय ने मामले की सुनवाई कैमरे के समक्ष करने का आदेश दिया।
17 जनवरी: फास्ट ट्रैक अदालत ने पांचों बालिग आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू की।
28 जनवरी: किशोर न्यायालय बोर्ड ने कहा कि नाबालिग की कम उम्र होने की पुष्टि हुई।
22 मार्च: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मीडिया को अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग करने की अनुमति दी।
05 जुलाई: किशोर के खिलाफ किशोर न्यायालय बोर्ड में जांच पूरी हुई और बोर्ड ने अपना फैसला 11 जुलाई तक सुरक्षित रखा।
08 जुलाई: फास्ट ट्रैक अदालत ने अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाहों के बयान दर्ज किए।
11 जुलाई: किशोर न्यायालय बोर्ड ने नाबालिग को उसी दिन (जब निर्भया के साथ यह घटना हुई थी) एक बढ़ई को अवैध तरीके से बंद रखने तथा लूटपाट करने के मामले में दोषी पाया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले की कवरेज के लिए तीन अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों को अनुमति दी।
22 अगस्त: फास्ट ट्रैक अदालत ने चारों बालिग आरोपियों के खिलाफ इस मामले में अंतिम बहस शुरू की।

31 अगस्त: किशोर न्यायालय बोर्ड ने नाबालिग को सामूहिक बलात्कार और हत्या के लिए दोषी ठहराया और उसे तीन साल के लिए सुधारगृह में भेज दिया।
03 सितंबर: फास्ट ट्रैक अदालत ने सुनवाई पूरी की। फैसला सुरक्षित रखा।
10 सितंबर: कोर्ट ने मुकेश, विनय, अक्षय, पवन को सामूहिक बलात्कार, अप्राकृतिक कृत्य, निर्भया की हत्या और उसके दोस्त की हत्या का प्रयास समेत 13 मामलों में दोषी ठहराया।
13 सितंबर: कोर्ट ने चारों दोषियों को मृत्युु की सजा सुनाई।
23 सितंबर: उच्च न्यायालय ने अदालत द्वारा दोषियों की मौत की सजा के संदर्भ में सुनवाई शुरू की।
03 जनवरी,2014: उच्च न्यायालय ने दोषियों की अपील पर फैसला सुरक्षित रखा।
13 मार्च: उच्च न्यायालय ने 4 दोषियों को मौत की सजा सुनाई।
15 मार्च: उच्चतम न्यायालय ने दो दोषी मुकेश और पवन के द्वारा दायर की गयी याचिका के बाद फांसी पर रोक लगाई। इसके बाद अन्य दोषियों पर भी रोक लगा दी।
15 अप्रैल: उच्चतम न्यायालय ने पुलिस को पीड़िता के मरने की घोषणा करने का निर्देश दिया।
03 फरवरी, 2017: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह मौत की सजा सुनाने से पहले विभिन्न पहलूओं को नए सिरे से सुनेगा।
27 मार्च: उच्चतम न्यायालय ने उनकी गुजारिश पर फैसला सुरक्षित रखा।
05 मई: उच्चतम न्यायालय ने चारों दोषियों की मौत की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि यह ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मामला है और यह अपराध ‘सुनामी में हुए हादसे’ जैसा है।
08 नवंबर: चार में से एक दोषी मुकेश उच्चतम न्यायालय में अपने खिलाफ दी गई मृत्युदंड की सजा पर पुनर्विचार की अपील करता है।
12 दिसंबर: दिल्ली पुलिस उच्चतम न्यायालय में मुकेश की याचिका का विरोध करती है।
15 दिसंबर: दोषी विनय शर्मा और पवन कुमार गुप्ता अपने फैसले की समीक्षा के लिए उच्चतम न्यायलय का रुख किया।
04 मई, 2018: उच्चतम न्यायालय ने विनय शर्मा और पवन गुप्ता की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित किया।
09 जुलाई: उच्चतम न्यायालय ने तीनों दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज किया।
10 दिसंबर, 2019: अक्षय ने उच्चतम न्यायालय में मृत्युदंड के फैसले पर पुनर्विचार दायर की।
18 दिसंबर: उच्चतम न्यायालय ने उसकी पुनर्विचार याचिका रद्द की।
दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ के अधिकारियों को उनके शेष कानूनी उपचारों का लाभ उठाने के लिए दोषियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
07 जनवरी, 2020: दिल्ली की अदालत ने चारों दोषियों मुकेश (30),पवन गुप्ता(23),विनय शर्मा (24),राम सिंह(22), अक्षय कुमार सिंह (27) के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया। उन्हें 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

उन्नाव की ‘निर्भया’ को इंसाफ, कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा, 25 लाख का जुर्माना

उन्नाव रेप केस के दोषी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर की सजा पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे फैसला सुनाया. जज धर्मेश शर्मा फिलहाल कुलदीप सेंगर के वकीलों की तरह से दिए गए हलफनामों को पढ़ रहे हैं.

सेंगर के दस्तावेजों के आधार पर उसकी कुल चल और अचल संपत्ति 44 लाख रुपये आंकी गई है. सुनवाई के दौरान सेंगर के वकील ने कहा कि इसका मूल्य फिलहाल घट चुका है, क्योंकि उनकी कार की कीमत कम हो चुकी है. इसके अलावा सेंगर की बेटी का मेडिकल में दाखिला कराया गया है, जिसकी फीस देने के बाद ये रकम और कम हो जाएगी.

वहीं पीड़िता के वकील ने कहा कि उन्नाव की पीड़िता का घर पूरी तरह से टूट गया है. इसके अलावा पीड़िता के पिता के पास 3 भाइयों के बीच कुल 3 बीघा जमीन है. पीड़िता के वकील ने कहा कि विधायक ने अपने अपराध को छुपाने के लिए न सिर्फ केस को वापस लेने का दवाब बनाया बल्कि विधायक होकर ऐसा काम किया. अगर देश को चलाने वाले लोग जिनपर जनता की रक्षा का दायित्व है, वो ऐसा करेंगे तो फिर उनको सज़ा भी अधिकतम होनी चाहिए.

उन्नाव केस में कुलदीप सेंगर दोषी करार

बता दें कि सेंगर को अपहरण और रेप का दोषी पाया गया है. सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से अधिकतम सजा की मांग की है. 16 दिसंबर को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने सेंगर को धारा 376 और पॉक्सो के सेक्शन 6 के तहत दोषी ठहराया था. जबकि 17 दिसंबर को सजा पर बहस की गई थी. इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले कुलदीप सिंह सेंगर को अपनी आय और संपत्ति का पूरा ब्योरा देने का आदेश दिया था.

मंगलवार को सुनवाई के बाद दोषी विधायक को सजा सुनाने के लिए कोर्ट ने 20 दिसंबर यानी शुक्रवार का दिन तय किया था. उस दिन अदालत ने कहा था कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहते हैं. उन्नाव रेप कांड जघन्य साजिश, हत्या और दुर्घटनाओं से भरा हुआ है. इसलिए एक नज़र डालते हैं इस पूरे मामले पर.

नौकरी, मुलाकात और बलात्कार

उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से मिलने के लिए उनके घर के करीब रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी एक महिला के साथ 4 जून 2017 को नौकरी मांगने के लिए पहुंची थी. जो महिला किशोरी को लेकर वहां गई थी. उसका नाम था शशि सिंह. वो सेंगर की करीबी थी. उसी के बाद अचानक एक दिन उस किशोरी ने खुलासा किया कि विधायक ने उसके साथ बलात्कार किया है. लड़की और उसका परिवार थाने के चक्कर लगाते रहे.

अधिकारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार उन्होंने कोर्ट की शरण ली. तब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया. इसके बाद शुरू हुआ किशोरी के परिवार पर ज्यादती का सिलसिला. लड़की पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा था. उसे मुकदमा वापस लेने के लिए कहा जा रहा था. लेकिन ये मामला मीडिया की सुर्खियों में आ गया. सत्तारुढ़ पार्टी के विधायक के खिलाफ सूबे की पुलिस जांच में लीपापोती कर रही थी.

लड़की के परिवार को धमका रही थी. लेकिन पीड़िता ने इंसाफ की आस नहीं छोड़ी. मामला जब तूल पकड़ने लगा तो अप्रैल 2018 में जांच सीबीआई के हवाले कर दी गई. उसी वक्त सीबीआई की टीम ने आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पूछताछ के लिए बुलाया. अधिकारियों को भी दाल में काला नजर आ रहा था. तभी इलाहाबाद उच्च न्यायालय पीड़िता को बड़ी राहत देते हुए इस मामले का संज्ञान लिया और सीबीआई को फरमान सुनाया कि फौरन आरोपी विधायक को गिरफ्तार करे.

सीबीआई ने अलग से प्राथमिकी दर्ज की और सेंगर को गिरफ्तारी के बाद एक सप्ताह के लिए न्यायिक हिरासत में रखा गया. मामला को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ रहा था. लिहाजा सीबीआई की टीम भी तेजी से काम कर रही थी. सीबीआई ने जांच के बाद पीड़िता के बलात्कार के आरोप की पुष्टि कर दी. आरोपी विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण की 4 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

हत्या और हत्या का प्रयास

इस मामले में पहले तो विधायक सेंगर के भाई अतुल ने पीड़िता के पिता को बेरहमी से पीटा फिर उसे साजिश के तहत झूठे मामलों में फंसा कर पुलिस थाने भिजवा दिया. जहां उनकी हत्या कर दी गई. इस मामले में बहुत बाद में अतुल को गिरफ्तार किया गया. जब विधायक सेंगर जेल चला गया, तब भी वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. वो जेल में रहकर भी पीड़िता और उसके परिवार के खिलाफ साजिश रचता रहा.

28 जुलाई 2019 को, पीड़िता के अपने चाचा, चाची और वकील के साथ उनकी कार में केस के सिलसिले में यात्रा कर रही थी. तभी हाइवे पर एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी. जिससे पीड़िता के परिजनों की मौत हो गई, जबकि वो और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए. इस मामले में सेंगर पर हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी के लिए मामला दर्ज किया गया. एफआईआर में सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, शशि सिंह और उनके सहयोगियों सहित 10 लोगों को नामजद किया गया.

भाजपा से निष्कासन

इस मामले में बीजेपी के आला नेता पहले कुलदीप सिंह सेंगर को बचाने की कोशिश करते रहे. यही नहीं जेल में बंद होने पर भी सेंगर लगातार नेताओं से मिल रहा था. वो खुद को बचाने के लिए हर तरह से कोशिशें करता रहा. लेकिन जब ये मामला देशभर में छाया और लोग सड़कों पर उतर आए.

विपक्ष ने योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया तो भाजपा ने उसे पार्टी से निलंबित कर दिया. अगस्त 2019 में बड़े पैमाने पर बीजेपी की यूपी सरकार को सार्वजनिक और राजनीतिक आक्रोश का सामना करना पड़ा. हालांकि निलंबन और बाद में निष्कासन के बाद भी सेंगर को विधायक के रूप में अयोग्य घोषित नहीं किया गया।।

जामिया के बाद सीलमपुर में भी बवाल-आगजनी,दर्जनों हिरासत में,छह मेट्रो स्टेशन बंद किया,नागरीकता संसोधन कानून के विरोध में।

नई दिल्ली ।‌ नागरिकता संशोधन कानून जब से बना है पूरे देश में जगह-जगह इसे लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। दिल्ली स्थित जामिया विश्वविद्यालय में इसे लेकर रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ, अब मंगलवार को दिल्ली के ही सीलमपुर में भी प्रदर्शन हिंसक हो गया है, प्रदर्शनकारी बसों पर पथराव भी कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि जिस वक्त सीलमपुर में हिंसा हुई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। साथ ही दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस समय हालात पूरी तरह से पुलिस के नियंत्रण में हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया कि सीलमपुर में कोई गोली नहीं चलाई गई है। सिर्फ आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया है। कुछ पुलिसवाले घायल हुए हैं। दो पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसें, एक रैपिड एक्शन फोर्स की बस और कुछ बाइकें क्षतिग्रस्त की गई हैं।
जानकारी है कि प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस पिकेट और एक पुलिस चौकी में आग लगा दी है। पुलिस ने इस समय मेन रोड पर नियंत्रण कर लिया है लेकिन गलियों में अब भी पत्थरबाजी चल रही है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को झड़प वाले स्थान से दूर किया। साथ ही पुलिस सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को जाफराबाद में दो बजे लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले जो 1.15 बजे ही शुरू हो गया और लोग सीलमपुर की ओर मार्च करने लगे। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन बाद में अचानक से जब भीड़ छंटनी शुरू हुई तो हंगामा मच गया और पुलिस व प्ररदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिससे हिंसा शुरू हो गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उपद्रवियों ने बसों में तोड़फोड़ के साथ ही पत्थरबाजी भी की।

रिपोर्ट:-दिल्ली डेस्क

अमित शाह का बड़ा बयान- अयोध्या में चार महीने में बनेगा आसमान छूता राम मंदिर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पाकुड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर निर्माण पर बड़ा बयान दिया है. अमित शाह ने भरी जनसभा में बाकायदा राम मंदिर निर्माण का समय भी बता दिया. शाह ने कहा कि 4 महीने के अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनने जा रहा है.

अमित शाह ने कहा कि अभी कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के लिए फैसला दिया, 100 वर्षों से दुनिया भर के भारतीयों की मांग थी कि वहां राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनना चाहिए. राम मंदिर की दशकों पुरानी मांग का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हर कोई राम मंदिर निर्माण चाहता था, लेकिन कांग्रेस और उसके वकील कोर्ट में इसके सामने रोड़ा अटकाते रहते थे. शाह ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता और वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में कहते थे कि अभी केस मत चलाइये, क्यों भाई आपके पेट में क्यों दर्द हो रहा है?’

कांग्रेस पर मंदिर केस में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का वक्त भी बता दिया. शाह ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, 4 माह के अंदर आसमान को छूता हुआ प्रभु राम का मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है.’

राम मंदिर समेत दूसरे तमाम मुद्दों पर घेरते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस न विकास कर सकती है, न देश को सुरक्षित कर सकती है और न देश की जनता की जन भावनाओं का सम्मान कर सकती है.।।

दिल्ली के रानी झांसी रोड के निकट अनाज मंडी में भीषण आग लग गयी जिसमें कम से कम 43 लोगों की दम घुटने से मौत हो गयी

नई दिल्ली : दिल्ली के रानी झांसी रोड के निकट अनाज मंडी में एक चार मंजिला इमारत में रविवार सुबह भीषण आग लग गयी जिसमें कम से कम 43 लोगों की दम घुटने से मौत हो गयी एवं मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

अग्निशमन अधिकारी के अनुसार घटना की जानकारी सुबह पांच बजकर 20 मिनट के करीब मिली और इसके बाद तुरंत दमकल विभाग की 25 से अधिक गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।

अधिकारी के अनुसार इमारत से निकाले गए लोगों को नजदीक के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) और हिन्दू राव अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। हादसे में दम घुटने के कारण कम से कम 43 लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में दोनों अस्पतालों में लोगों का उपचार किया जा रहा है। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

एलएनजेपी अस्पताल में लाये गए 34 लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में घायलों का उपचार किया जा रहा है।

इस बीच राष्ट्रीय आपता मोचन बल (एनडीआरएफ) का दल मौकें पर पहुंच गया है। दमकल वाहनों को गलियों के संकरी होने की वजह से घटनास्थल पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

रिलायन्स जिओ की दरें अब 555 रुपये में मिलेगा 399 रुपये का प्लान 6 दिसंबर से महंगी हो जायेगी

नयी दिल्ली : मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस जियो ने बुधवार को अपने नये ‘ऑल इन वन प्लान’ की घोषणा की. ग्राहकों के लिए छह दिसंबर से लागू होने वाले ये प्लान पिछले टैरिफ प्लान से 39 फीसदी तक महंगे हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि दरें बढ़ाने के बावजूद जियो के प्लान डेटा और कॉलिंग एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया से करीब 25 फीसदी तक सस्ते हैं.

नये मोबाइल एवं डेटा प्लान के मुताबिक, जियो के ग्राहकों को 84 दिन वैधता और 1.5 जीबी प्रति दिन डेटा वाले प्लान के लिए अब 555 रुपये खर्च करने पड़ेगे. फिलहाल, ये सुविधाएं कंपनी के 399 रुपये के मौजूदा प्लान में मिल रही हैं. इस लिहाज से नया प्लान 39 फीसदी महंगा है. इस पैक में जियो से जियो नंबर पर असीमित कॉलिंग मिलेगी. कंपनी की न्यायोचित उपयोग की नीति (एफयूपी) के तहत जियो से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 3,000 मुक्त मिनट मिलेंगे.

इसी प्रकार, 98 रुपये के प्लान को बढ़ाकर 129 रुपये कर दिया गया है. इसमें ग्राहकों को 28 दिन की वैधता के साथ 2 जीबी डेटा और अन्य नेटवर्क पर कॉल के लिए 1000 मिनट मिलेंगे. जियो 28 दिन की वैधता वाले 199 रुपये के प्लान में डेढ़ जीबी डेटा प्रतिदिन दे रही है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के प्लान से करीब 25 फीसदी सस्ता है. दूसरी कंपनियां ये सारी सुविधाएं करीब 249 रुपये के प्लान में दे रही हैं.

रिलायंस जियो का नया ऑल इन वन प्लान
पुरानी दरें नयी दरें
53 रुपये 199 रुपये
198 रुपये 249 रुपये
299 रुपये 349 रुपये
349 रुपये 399 रुपये
448 रुपये 599 रुपये
1,699 रुपये 2199 रुपये

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थगित किए बार एसोसिएशन के चुनाव

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में होने वाले बार एसोसिएशन के चुनाव को स्थगित कर दिया है। हाईकोर्ट ने पिछले दो नवम्बर को तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद यह आदेश दिया।

उल्लेखनीय है कि तीस हजारी कोर्ट में बार एसोसिएशन का चुनाव पांच नवम्बर को होना था। कड़कड़डूमा कोर्ट में बार एसोसिएशन का चुनाव सात नवम्बर को होना था। अब ये चुनाव हाईकोर्ट के अगले आदेश के बाद ही होंगे।